वसीम बरेलवी बेहतरीन शायरी संग्रह

इंट्रो:
इन अशआरों में ज़िन्दगी, मोहब्बत और हौसले की गहराई छुपी है — कहीं दर्द है, कहीं तन्हाई, तो कहीं जज़्बे की आग।
हर शेर एक एहसास है, जो दिल से निकला और सीधे दिल को छू जाता है।
ये वो लफ़्ज़ हैं जो हमें खुद से, और हमारी अपनी कहानी से जोड़ देते हैं… 💭🩵

🌙 1.

ये कैसा ख्वाब है जो आँखों का हिस्सा क्यूँ नही होता
दिए हम भी जलाते हैं उजाला क्यूँ नही होता
मुझे सबसे अलग ही रखना उसका शौक था वर्ना
वो दुनिया भर का हो सकता था मेरा क्यूँ नही होता

🩵 अर्थ:
शायर कह रहा है — मैं भी सपने देखता हूँ, मेहनत करता हूँ, मगर न जाने क्यों मेरे हिस्से में पूरा उजाला नहीं आता।
शायद किस्मत या हालात मुझे रोक लेते हैं।
वो जिसे मैं चाहता था, उसने मुझे जानबूझकर अलग रखा, वरना वो मेरा हो सकता था — लेकिन उसने मुझे चुनना पसंद नहीं किया।


🌊 2.

खुद को मनवाने का हुनर हमको आता है
हम वो कतरा हैं जिनके घर समंदर आता है

🩵 अर्थ:
हम अपनी पहचान खुद बनाना जानते हैं।
हम छोटे सही, मगर हमारी काबिलियत इतनी बड़ी है कि “समंदर” भी हमारी ओर झुक आता है — यानी बड़ी चीज़ें भी हमारी अहमियत को मानती हैं।


🕊️ 3.

उसी को जीने का हक़ है जो इस ज़माने में
इधर का लगता रहे और उधर का हो जाए

🩵 अर्थ:
आज के ज़माने में वही इंसान कामयाब है जो हालात के हिसाब से खुद को बदल ले — जो दोनों तरफ तालमेल बैठा सके।
दुनिया अब सच्चाई से ज़्यादा चालाकी और एडजस्टमेंट को मानती है।


🚶‍♂️ 4.

मुझ को चलने दो अभी अकेला है मेरा सफ़र
रास्ता रोका गया तो काफिला हो जाऊंगा

🩵 अर्थ:
अभी मैं अपनी राह अकेले तय कर रहा हूँ, मुझे मत रोको।
अगर किसी ने मेरी राह रोकी — तो मैं इतना मजबूत हूँ कि लोगों को साथ लेकर पूरा काफिला बन जाऊंगा।
यानी मेरी रफ़्तार नहीं रुक सकती।


5.

क्या बताऊँ कैसा खुद को दर-ब-दर मैंने किया
उम्र-भर किस किस के हिस्से का सफ़र मैंने किया

🩵 अर्थ:
मैंने अपनी ज़िन्दगी में खुद को बहुत भटकाया,
कई लोगों की उम्मीदों और रास्तों को पूरा करने में अपनी उम्र गुज़ार दी।
शायर की थकान और दर्द इस पंक्ति में झलकती है।


💔 6.

निगाहों के तकाजे चैन से मरने नही देते
यहाँ मंजर ही ऐसा है कि दिल भरने नही देते

🩵 अर्थ:
लोगों की उम्मीदें और दुनिया की नज़रों का दबाव इतना है कि सुकून से जीना या मरना भी मुमकिन नहीं।
ये दुनिया कभी किसी को पूरी तरह संतुष्ट नहीं होने देती।


🔥 7.

हादसों की जड़ पे हैं तो क्या मुस्कुराना छोड़ दें
जलजलों के खौफ से क्या घर बनाना छोड़ दें

🩵 अर्थ:
अगर ज़िन्दगी में मुसीबतें हैं तो क्या हम जीना छोड़ दें?
अगर डर है, तो क्या सपने देखना छोड़ दें?
शायर कहता है — नहीं, हम मुश्किलों के बावजूद आगे बढ़ेंगे।


8.

ये है तो सबके लिए हो ये जिद हमारी है
इस बात पे दुनिया से जंग जारी है
उड़ान वालों उड़ानों पे वक़्त भारी है
परों की नही अबकी हौसलों की बारी है

🩵 अर्थ:
हमारी जिद ये है कि जो चीज़ है — वो सबके लिए बराबर हो।
हम न्याय और समानता के लिए लड़ रहे हैं।
आज का दौर मुश्किल है, लेकिन अब सिर्फ पंख (साधन) नहीं — हौसले (इरादे) उड़ान तय करेंगे।


🌤️ 9.

उदासियों में भी रस्ते निकाल लेता है
अजीब दिल है गिरूं तो संभल लेता है
ये कैसा शख्स है कितनी भी अच्छे से बात करो
कोई न कोई बुराई का पहलु निकाल लेता है

🩵 अर्थ:
मेरा दिल इतना मजबूत है कि ग़म में भी उम्मीद ढूंढ लेता है,
गिरने के बाद भी खुद को संभाल लेता है।
लेकिन अफ़सोस — दुनिया में कुछ लोग ऐसे हैं जो हर अच्छी बात में भी बुराई ढूंढ लेते हैं।


💫 10.

तुझको पाने की कोशिश में इतना खो चूका हूँ मैं
कि अगर तू मिल भी जाए तो तेरे मिलने का ग़म होगा

🩵 अर्थ:
मैंने तुझे पाने में इतना वक्त, जज़्बात और खुद को खो दिया है कि अब अगर तू मिल भी जाए — तो मुझे इस बात का ग़म रहेगा कि मैंने खुद को खोकर तुझे पाया।
यहाँ मोहब्बत की गहराई और थकान दोनों झलकती हैं।

Shubham Bharti

हेल्लो दोस्तों मेरा नाम शुभम भारती है में पिछले 3 सालों से ब्लोगिंग का काम कर रहा हु में शायरी के प्रति रूचि है इसलिए में आप सबको भी शायरी व् quote से एंटरटेन करना चाहता हूँ

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