आज बात कर रहे है दुनिया के मशहूर शायरों में ऐसे एक ऐसे शायर जिनको उनकी सरल भाषा और लोकप्रिय शायरी एवं गजल के लिए जाना जाता है | उनका नाम बशीरबद्र ये भारत के प्रसिद्ध शायर है इनका जन्म भारत के भोपाल शहर में हुआ था इन्होने अपने पाठको के लिए बहुत सारे शेरो शायरी का एक संग्रह दिया जो आज भी काफी फैमस है आइये देखते हैं बशीर बद्र के मशहूर शेर
1. मुख़ालिफ़त से मिरी शख़्सियत सँवरती है
मैं दुश्मनों का बड़ा एहतिराम करता हूँ
👉 मतलब: जो मुझसे विरोध करते हैं, वही मुझे मज़बूत और बेहतर बनाते हैं। इसलिए मैं अपने दुश्मनों की भी इज़्ज़त करता हूँ।
2. दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे
जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों
👉 मतलब: अगर दुश्मनी करो तो इज़्ज़त के साथ करो ताकि कभी दोस्ती हो जाए तो पछतावा न हो।
3. न जी भर के देखा न कुछ बात की
बड़ी आरज़ू थी मुलाक़ात की
👉 मतलब: मुलाकात की बहुत चाह थी, लेकिन मिलकर भी खुलकर कुछ कह नहीं सके।
4. हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है
जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
👉 मतलब: हममें काबिलियत है, जिस दिशा में बढ़ेंगे, वहाँ अपना रास्ता खुद बना लेंगे।
5. मुसाफ़िर हैं हम भी मुसाफ़िर हो तुम भी
किसी मोड़ पर फिर मुलाक़ात होगी
👉 मतलब: हम दोनों जीवन के सफर के यात्री हैं, शायद कभी फिर मिलें।
6. जिस दिन से चला हूँ मिरी मंज़िल पे नज़र है
आँखों ने कभी मील का पत्थर नहीं देखा
👉 मतलब: मैं अपनी मंज़िल पर केंद्रित हूँ, बीच के पड़ावों पर ध्यान नहीं देता।
7. हर धड़कते पत्थर को लोग दिल समझते हैं
उम्रें बीत जाती हैं दिल को दिल बनाने में
👉 मतलब: असली दिल इंसानियत और एहसास से बनता है, सिर्फ धड़कने से नहीं।
8. तुम्हें ज़रूर कोई चाहतों से देखेगा
मगर वो आँखें हमारी कहाँ से लाएगा
👉 मतलब: कोई और तुम्हें प्यार करेगा, पर मेरी जैसी निगाहें कहाँ पाएगा।
9. मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला
अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी न मिला
👉 मतलब: सच्चे रिश्तों में बनावट नहीं होनी चाहिए। झूठी नज़दीकियाँ बेहतर है न हों।
10. ये फूल मुझे कोई विरासत में मिले हैं
तुम ने मिरा काँटों भरा बिस्तर नहीं देखा
👉 मतलब: मेरी मुस्कान की कीमत मेरे दर्द से बनी है, जो तुमने नहीं देखा।
11. तुम मुझे छोड़ के जाओगे तो मर जाऊँगा
यूँ करो जाने से पहले मुझे पागल कर दो
👉 मतलब: जुदाई का दर्द इतना गहरा है कि मौत से पहले ही पागलपन दे दो।
12. शोहरत की बुलंदी भी पल भर का तमाशा है
जिस डाल पे बैठे हो वो टूट भी सकती है
👉 मतलब: नाम और शोहरत अस्थायी हैं, घमंड मत करो, वक़्त बदल सकता है।
13. सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा
इतना मत चाहो उसे वो बेवफ़ा हो जाएगा
👉 मतलब: किसी को हद से ज़्यादा मत चाहो, वरना वो घमंडी होकर बदल जाएगा।
14. मैं जब सो जाऊँ इन आँखों पे अपने होंट रख देना
यक़ीं आ जाएगा पलकों तले भी दिल धड़कता है
👉 मतलब: मेरा प्यार इतना सच्चा है कि मेरी पलकों के नीचे भी ज़िंदगी बसती है।
15. उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में
फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते
👉 मतलब: आज़ादी और बचपन के दिन लौटकर नहीं आते, उन्हें जी लेने दो।
16. इसी लिए तो यहाँ अब भी अजनबी हूँ मैं
तमाम लोग फ़रिश्ते हैं आदमी हूँ मैं
👉 मतलब: सब लोग नकली अच्छाई दिखाते हैं, मैं सच्चा इंसान हूँ इसलिए अलग हूँ।
17. लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में
तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में
👉 मतलब: कुछ लोग मेहनत से घर बसाते हैं, और कुछ उसे नष्ट करने में भी नहीं हिचकते।
18. अभी राह में कई मोड़ हैं कोई आएगा कोई जाएगा
तुम्हें जिस ने दिल से भुला दिया उसे भूलने की दुआ करो
👉 मतलब: ज़िंदगी में आने-जाने वाले बहुत हैं, जो तुम्हें भूल गया उसे भूल जाना ही बेहतर है।
19. पत्थर के जिगर वालो ग़म में वो रवानी है
ख़ुद राह बना लेगा बहता हुआ पानी है
👉 मतलब: ग़म भी एक ताक़त है, जो इंसान को आगे बढ़ना सिखा देता है।
20. अगर फ़ुर्सत मिले पानी की तहरीरों को पढ़ लेना
हर इक दरिया हज़ारों साल का अफ़्साना लिखता है
👉 मतलब: हर नदी के बहाव में सदियों की कहानी छिपी होती है, बस समझने की नज़र चाहिए।
21. अगर तलाश करूँ कोई मिल ही जाएगा
मगर तुम्हारी तरह कौन मुझ को चाहेगा
👉 मतलब: और भी लोग मिल सकते हैं, पर तुम्हारी जैसी मोहब्बत कोई नहीं देगा।
22. मोहब्बत एक ख़ुशबू है हमेशा साथ चलती है
कोई इंसान तन्हाई में भी तन्हा नहीं रहता
👉 मतलब: सच्चा प्यार कभी नहीं मिटता, वो हमेशा यादों में रहता है।
23. कभी तो आसमाँ से चाँद उतरे जाम हो जाए
तुम्हारे नाम की इक ख़ूब-सूरत शाम हो जाए
👉 मतलब: काश एक खूबसूरत शाम तुम्हारे नाम से सज जाए।
24. रोने वालों ने उठा रक्खा था घर सर पर मगर
उम्र भर का जागने वाला पड़ा सोता रहा
👉 मतलब: जो सच्चे दर्द में जीता रहा, उसे कोई देख न सका, दुनिया सिर्फ़ दिखावे को समझती रही।
25. ये ज़ाफ़रानी पुलओवर उसी का हिस्सा है
कोई जो दूसरा पहने तो दूसरा ही लगे
👉 मतलब: किसी चीज़ की असल पहचान उसके मालिक से होती है।
26. मुझे लगता है दिल खिंच कर चला आता है हाथों पर
तुझे लिक्खूँ तो मेरी उँगलियाँ ऐसी धड़कती हैं
👉 मतलब: जब मैं तुम्हारा नाम लिखता हूँ, तो मेरा दिल भी काग़ज़ पर उतर आता है।
27. पीछे पीछे रात थी तारों का इक लश्कर लिए
रेल की पटरी पे सूरज चल रहा था रात को
👉 मतलब: यह कल्पनात्मक दृश्य है — रात और दिन का सुंदर संगम दिखाया गया है।
28. फूल बरसे कहीं शबनम कहीं गौहर बरसे
और इस दिल की तरफ़ बरसे तो पत्थर बरसे
👉 मतलब: दुनिया पर रहमतें बरसती हैं, लेकिन मुझ पर तकलीफ़ें आती हैं।
29. फूलों में ग़ज़ल रखना ये रात की रानी है
इस में तिरी ज़ुल्फ़ों की बे-रब्त कहानी है
👉 मतलब: तेरी यादें इन फूलों जैसी हैं — बिखरी हुई लेकिन महकती हुई।
30. सोचा नहीं अच्छा-बुरा देखा-सुना कुछ भी नहीं
माँगा ख़ुदा से रात-दिन तेरे सिवा कुछ भी नहीं
👉 मतलब: मोहब्बत में खुदा से भी सिर्फ़ तुम्हें ही माँगा, कुछ और नहीं।
31. चाय की प्याली में नीली टेबलेट घोली
सहमे सहमे हाथों ने इक किताब फिर खोली
👉 मतलब: ज़िंदगी की उदासी और आत्मसंघर्ष का दृश्य — जैसे कोई दर्द में भी आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा हो।
32. उदास आँखों से आँसू नहीं निकलते हैं
ये मोतियों की तरह सीपियों में पलते हैं
👉 मतलब: गहरे दुख के आँसू अक्सर अंदर ही छिपे रहते हैं, बाहर नहीं आते।
33. कितनी सच्चाई से मुझ से ज़िंदगी ने कह दिया
तू नहीं मेरा तो कोई दूसरा हो जाएगा
👉 मतलब: ज़िंदगी कभी किसी पर नहीं रुकती, वो आगे बढ़ जाती है।
34. कभी यूँ भी आ मिरी आँख में कि मिरी नज़र को ख़बर न हो
मुझे एक रात नवाज़ दे मगर इस के बाद सहर न हो
👉 मतलब: इतना गहरा प्यार चाहता हूँ कि रात वहीं ठहर जाए, सुबह कभी न आए।
35. मैं जिस की आँख का आँसू था उस ने क़द्र न की
बिखर गया हूँ तो अब रेत से उठाए मुझे
👉 मतलब: जिसे मैं बहुत चाहता था, उसने मेरी अहमियत नहीं समझी।
36. ग़ज़लों का हुनर अपनी आँखों को सिखाएँगे
रोएँगे बहुत लेकिन आँसू नहीं आएंगे
👉 मतलब: दर्द इतना झेला है कि अब रो भी लें तो आँसू नहीं निकलते।
37. उसे पाक नज़रों से चूमना भी इबादतों में शुमार है
कोई फूल लाख क़रीब हो कभी मैं ने उस को छुआ नहीं
👉 मतलब: सच्चा प्यार इज़्ज़त और पवित्रता से भरा होता है, उसमें लालच नहीं।
38. गुलाबों की तरह शबनम में अपना दिल भिगोतें हैं
मोहब्बत करने वाले ख़ूबसूरत लोग होते हैं
👉 मतलब: जो सच्चे दिल से प्यार करते हैं, उनका दिल हमेशा कोमल और सुंदर होता है।
39. मैं तमाम तारे उठा उठा के ग़रीब लोगों में बाँट दूँ
वो जो एक रात को आसमाँ का निज़ाम दे मिरे हाथ में
👉 मतलब: काश मुझे ताक़त मिले तो मैं दुनिया में बराबरी फैला दूँ।
40. मान मौसम का कहा छाई घटा जाम उठा
आग से आग बुझा फूल खिला जाम उठा
👉 मतलब: ज़िंदगी का आनंद लो — दुख मिटाओ, खुशी को गले लगाओ।
41. आँखों में रहा दिल में उतर कर नहीं देखा
कश्ती के मुसाफ़िर ने समुंदर नहीं देखा
👉 मतलब: सतह पर देखने से गहराई का अंदाज़ा नहीं होता।
42. न उदास हो न मलाल कर किसी बात का न ख़याल कर
कई साल ब’अद मिले हैं हम तेरे नाम आज की शाम है
👉 मतलब: आज का पल खास है, इसे दुःख में मत गँवाओ।
43. शबनम के आँसू फूल पर ये तो वही क़िस्सा हुआ
आँखें मिरी भीगी हुई चेहरा तिरा उतरा हुआ
👉 मतलब: जैसे फूल पर शबनम होती है, वैसे ही मेरी आँखों में तेरी यादें हैं।
44. है अजीब शहर की ज़िंदगी न सफ़र रहा न क़याम है
कहीं कारोबार सी दोपहर कहीं बद-मिज़ाज सी शाम है
👉 मतलब: शहर की ज़िंदगी न ठहरती है न सुकून देती है — बस भागदौड़ है।
45. मैं तमाम दिन का थका हुआ तू तमाम शब का जगा हुआ
ज़रा ठहर जा इसी मोड़ पर तेरे साथ शाम गुज़ार लूँ
👉 मतलब: थोड़ी देर रुक जा, कुछ पल साथ गुज़ारने की ख़्वाहिश है।
46. तिरी आरज़ू तिरी जुस्तुजू में भटक रहा था गली गली
मिरी दास्ताँ तिरी ज़ुल्फ़ है जो बिखर बिखर के सँवर गई
👉 मतलब: तेरी तलाश में मैं खो गया, और यही मेरी कहानी बन गई।
47. वो जिन के ज़िक्र से रगों में दौड़ती थीं बिजलियाँ
उन्हीं का हाथ हम ने छू के देखा कितना सर्द है
👉 मतलब: जिनसे मिलने की तमन्ना थी, जब मिले तो जज़्बात ठंडे निकले।
निष्कर्ष :-
दोस्तों इस लेख में हमने बहुत अच्छा महसूस किया होगा